जय हो लोगो

जय हो - एक सामाजिक संस्था (रजि०)

सचिव: श्री अजय भाटी | President: श्री दिनेश भाटी

शहीदों के सपनों का भारत 🇮🇳

जय हो संस्था द्वारा आयोजित रज विसर्जन यात्रा — शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जी की पावन स्मृति में एक विनम्र श्रद्धांजलि।

हमारे अमर वीर स्वतंत्रता सेनानी

Bhagat Singh

शहीद-ए-आजम भगत सिंह

उन्होंने अपने अद्भुत साहस और देशभक्ति से भारत के युवाओं में स्वतंत्रता का जोश भर दिया। उनका नारा — "इंकलाब ज़िंदाबाद!" आज भी हर भारतीय के दिल में गूंजता है।

Rajguru

शिवराम हरि राजगुरु

राजगुरु एक वीर योद्धा थे जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए हँसते-हँसते अपना जीवन बलिदान कर दिया। उनका साहस आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

Sukhdev

सुखदेव थापर

सुखदेव थापर ने भगत सिंह और राजगुरु के साथ मिलकर भारत की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। वे युवा शक्ति के प्रतीक हैं।

शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव – हमारी आज़ादी के अमर वीर

भारत की आज़ादी की कहानी उन वीरों के बिना अधूरी है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर मातृभूमि को आज़ाद कराया। इनमें सबसे प्रमुख नाम हैं — शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव।

भगत सिंह बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे। उन्होंने अंग्रेज़ों की गुलामी से भारत को मुक्त कराने का संकल्प लिया। उनके साथियों राजगुरु और सुखदेव ने भी मिलकर अंग्रेज़ों के खिलाफ क्रांति की ज्वाला भड़काई।

तीनों ने अपने प्राणों की आहुति देकर युवाओं को यह संदेश दिया कि देश सबसे ऊपर है। भगत सिंह का नारा — “इंकलाब ज़िंदाबाद!” आज भी हर भारतीय के दिल में जोश भर देता है।

23 मार्च 1931 को जब इन तीनों वीर सपूतों को फांसी दी गई, तो पूरा देश रो पड़ा, पर उनके विचार अमर हो गए। उन्होंने हमें सिखाया कि सच्चा देशभक्त वही है जो अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाए और राष्ट्र की सेवा में जीवन समर्पित कर दे।

हमारा कर्तव्य है कि हम उनके बलिदान को याद रखें और उनके बताए रास्ते पर चलें — सच्चाई, साहस और देशप्रेम के साथ।

इंकलाब ज़िंदाबाद! वंदे मातरम्!

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सचिव: श्री अजय भाटी
ईमेल: ajay@jsr-group.in
स्थान: ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश